Tuesday, January 28, 2014

॥ बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

बिन बेटी संसार अधूरा है,
बेटी है तो घर पूरा है॥

बेटी आंखो की ज्योति है,
शक्तिसवरुपा है सपनों की अंतर्ज्योति है,
मेरा खुद का नया रूप है,
मेरे आँगन मे खिली धूप है,
बेटी है तो जीवन मेरा है॥

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

बेटी से घर मे चहचाहट है,
बेटी है तो सच्ची मुस्कुराहट है,
बेटी से घर मे स्मृधी है,
बेटी से घर मे वृद्धि है,
बेटी है तो जीवन खुशियो का डेरा है॥

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

बेटी घर का सम्मान है,
बेटी है तो आदर है मान है,
मेरे दिल का एहसास है बेटी,
मेरी संवेदना मेरा विश्वास है बेटी,
मेरे लिए सबसे खास है,
बेटी नहीं तो चारो तरफ अंधेरा है,
बेटी है तो घर आँगन उजेरा है॥

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

आंखो मे उजियारा समेटे एक भोर है बेटी,
बिखेरती उजियारा चहुऔर है बेटी,
बेटी खिलखिलाए तो पूरा आँगन चहकता है,
रजनीगंधा सी खुसबू सा सारा घर महकता है,
बेटी मेरा गुरूर है, मेरा अहम है,
मेरे जीवन जीने का करम है,
बेटी है तो हर क्षण ठंडी हवा का फेरा है॥

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

भाई का दुलार है बेटी,
माँ का प्यार है बेटी,
पिता का सम्पूर्ण संसार है बेटी,
घर मे है तो हर दिन त्योहार है बेटी,
बेटी है तो हर दिन सवेरा है,
वरना हर तरफ धुआँ है अंधेरा है,

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥

बेटी दुआ है पावन कथा है,
बेटी ज़ीनत है सुभकामना है,
ग्रंथ है बेटी रचना है भगवान है वंदना है,
त्याग है बेटी क्षमा है,
शाहस की गौरव कथा है,
बेटी हर्षित व्यथा है,
अगर बेटी है तो महेश” सबकुछ तेरा है,

बिन बेटी संसार अधूरा है ॥
  

2 comments:

  1. very nice n heart touching. ...

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  2. Bhut hi khubsurat..aatma ko chuu liyaa apki lekhni ne

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